Jamshed Afaq

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@jamshed-afaq

Jamshed Afaq shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Jamshed Afaq's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Nazm
ज़ात की आसूदगी के सब जतन करता रहूँ
ताएरों के संग उड़ कर
आसमाँ की झिलमिलाती नीलगूँ सी गोद में इख़्लास की गर्मी
मोहब्बत की तपिश को
हर घड़ी मैं ढूँढता फिरता रहूँ
या कभी अपने ख़यालों की रिदा ओढ़े
मैं धरती के खुले सीने पे सर रख कर
और अपनी बाँहें उस के गर्द लिपटाने की कोशिश में
जहाँ भर के गिले-शिकवे घने बालों में
आँखों से छिने मोती समझ के डालता जाया करूँ

या कभी मैं ना-रसाई के समुंदर में
किसी छोटी सी मछली की तरह
अपने तहफ़्फ़ुज़ और अपनी ज़िंदगानी को
ख़ुशी के ख़ूबसूरत आसमानी सात रंगों के
किसी नादीदा साँचे में
बदल देने का ऐसा मक्र-ओ-फ़न करता रहूँ
ज़ात की आसूदगी के सब जतन करता रहूँ
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