Kanupriya Rastogi

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@kanupriya

Kanupriya Rastogi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Kanupriya Rastogi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Ghazal
दर्द अपने सभी से छुपाती रही
साथ ज़ख़्मों का यूँ ही निभाती रही

उसका ग़म कोई देखे तो कैसे भला
टूट कर भी तो वो मुस्कुराती रही

उसने देखी थी यारों में इक ज़िंदगी
मौत तक ज़िंदगी आज़माती रही

सब में बाँटी फ़क़त उसने मुस्कान ही
आँसुओं को जो ख़ुद के छिपाती रही

'उम्र भर यूँ तो ख़ुशियों से वंचित रही
वो जो तितली को सूरज बनाती रही

उसके अपनों ने ही तोड़ डाला उसे
वो जो ग़ैरों से रिश्ते निभाती रही

उसको बे-जान सा कर दिया उसने ही
वो जिसे जान कह कर बुलाती रही
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