Mahshar Badayuni

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Mahshar Badayuni shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Mahshar Badayuni's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

अब हवाएँ ही करेंगी रौशनी का फ़ैसला जिस दिए में जान होगी वो दिया रह जाएगा — Mahshar Badayuni

Ghazal

आख़िर आख़िर एक ग़म ही आश्ना रह जाएगा और वो ग़म भी मुझ को इक दिन देखता रह जाएगा सोचता हूँ अश्क-ए-हसरत ही करूँँ नज़्र-ए-बहार फिर ख़याल आता है मेरे पास क्या रह जाएगा अब हवाएँ ही करेंगी रौशनी का फ़ैसला जिस दिए में जान होगी वो दिया रह जाएगा आज अगर घर में यही रंग-ए-शब-ए-इशरत रहा लोग सो जाएँगे दरवाज़ा खुला रह जाएगा ता-हद-ए-मंज़िल तवाज़ुन चाहिए रफ़्तार में जो मुसाफ़िर तेज़-तर आगे बढ़ा रह जाएगा घर कभी उजड़ा नहीं ये घर का शजरा है गवाह हम गए तो आ के कोई दूसरा रह जाएगा रौशनी 'महशर' रहेगी रौशनी अपनी जगह मैं गुज़र जाऊँगा मेरा नक़्श-ए-पा रह जाएगा — Mahshar Badayuni