Naghmana Kanwal

Naghmana Kanwal

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Naghmana Kanwal shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Naghmana Kanwal's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Ghazal
  • Nazm
हमें भी आ गया आख़िर किसी ग़म को छुपा देना
कोई दिल की अगर पूछे ज़रा सा मुस्कुरा देना

मैं अपने दिल में रखती हूँ मोहब्बत करने वालों को
कभी सीखा नहीं मैं ने नगीनों को गँवा देना

अगर ख़ाली हूँ दोनों हाथ भी फैला नहीं सकती
कि जो ख़ुद ही सवाली हो मुझे फिर उस ने क्या देना

किसी की प्यास ने समझा दिया है ज़िंदगी करना
कभी ज़ख़्मों पे लब रखना कभी आँसू बहा देना

किसी की याद का दीपक अगर बुझने लगे जानम
मिरे सोए हुए ज़ख़्मों को ठोकर से जगा देना

हमारे प्यार का सूरज अगर अब डूब भी जाए
मिरे हिस्से की किरनों को किसी दिल में छुपा देना
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Naghmana Kanwal
मेरी कश्ती के बादबाँ टूटे
ना-ख़ुदाओं पे आसमाँ टूटे

वो जो सपने थे मेरे बचपन के
देखिए आ के वो कहाँ टूटे

ज़िंदगी के भरम थे जितने भी
सब के सब आज ना-गहाँ टूटे

कैसी करवट ज़मीन ने बदली
कच्चे पक्के सभी मकाँ टूटे

बोल कितने मिरी दुआओं के
तेरे लहजे से मेहरबाँ टूटे

याद आता है टूटना दिल का
जब कोई बर्ग-ए-ना-तवाँ टूटे

किस को मालूम है भला ऐ 'कँवल'
डोर साँसों की कब कहाँ टूटे
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