Om Prakash Meghwanshi

Om Prakash Meghwanshi

@om-prakash-meghwanshi

Om Prakash Meghwanshi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Om Prakash Meghwanshi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Ghazal
ये ज़मीं आसमान रहने दे
कोई तो साएबान रहने दे

हम ग़रीबों की शान रहने दे
कुछ तो कच्चे मकान रहने दे

मेरा हाकिम भी कुछ नहीं सुनता
मुझ को भी बे-ज़बान रहने दे

ये बहुत ऊपरी मसाइल हैं
बिन परों के उड़ान रहने दे
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Om Prakash Meghwanshi
घर है पत्थर का ख़ुदा ख़ैर करे
अब मिरे सर का ख़ुदा ख़ैर करे

प्यास ने तोड़ दी है सारी हदें
अब समुंदर का ख़ुदा ख़ैर करे

रोज़ दीवारों के बाहम झगड़े
ऐसे में घर का ख़ुदा ख़ैर करे

हर ज़बाँ तेग़ हर इक हाथ छुरी
आज मंज़र का ख़ुदा ख़ैर करे

शीश-महलों की नुमाइश है 'अज़ीज़'
संग-ए-मरमर का ख़ुदा ख़ैर करे
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Om Prakash Meghwanshi
एक नाम ही के बाइ'स अदब है कमाल है
दिखता नहीं है फिर भी वो रब है कमाल है

होते हुए भी मेरा यहाँ कुछ नहीं अज़ीज़
वो है नहीं पर उस का ये सब है कमाल है

मैं ख़ाक था सो ख़ाक को फिर ख़ाक होना है
ये वाक़िआ' भी दुख का सबब है कमाल है
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Om Prakash Meghwanshi
मुर्दों की ज़िंदगी के लिए क्या दुआ करें
इस पस्त आगही के लिए क्या दुआ करें

अज़-ख़ुद हमें नहीं है मयस्सर नज़र सदा
ऐसे में हम किसी के लिए क्या दुआ करें

बे-रब्त बद-हवास कमर से अलग थलग
हम ऐसी चाँदनी के लिए क्या दुआ करें

मिलने थे जो भी दर्द मसर्रत सो मिल गए
अब वक़्त-ए-आख़िरी के लिए क्या दुआ करें

गोया ज़मीन का न फ़लक का हुआ 'अज़ीज़'
बोलो कि इस ख़ुदी के लिए क्या दुआ करें
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Om Prakash Meghwanshi