AMIT SINGH "parwana"

AMIT SINGH "parwana"

इस दुख से दो चार तो होना बनता है
मिला के आँख प्यार तो होना बनता है

तुमने मेरा हाल किया है मौसम सा
मौसम का बेकार तो होना बनता है

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