Rais Farog

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Rais Farog shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Rais Farog's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

हुस्न को हुस्न बनाने में मिरा हाथ भी है आप मुझ को नज़र-अंदाज़ नहीं कर सकते — Rais Farog
तू कहीं आस-पास था वो तिरा इल्तिबास था मैं उसे देखता रहा फिर मुझे नींद आ गई — Rais Farog
मेरा भी एक बाप था अच्छा सा एक बाप वो जिस जगह पहुँच के मरा था वहीं हूँ मैं — Rais Farog
ठंडी चाय की प्याली पी के रात की प्यास बुझाई है — Rais Farog

Ghazal

सड़कों पे घूमने को निकलते हैं शाम से आसेब अपने काम से हम अपने काम से नश्शे में डगमगा के न चल सीटियाँ बजा शायद कोई चराग़ उतर आए बाम से दम क्या लगा लिया है कि सारे दुकान-दार चखने में लग रहे हैं मुझे तुर्श आम से ग़ुस्से में दौड़ते हैं ट्रक भी लदे हुए मैं भी भरा हुआ हूँ बहुत इंतिक़ाम से दुश्मन है एक शख़्स बहुत एक शख़्स का हाँ इश्क़ एक नाम को है एक नाम से मेरे तमाम अक्स मेरे कर्र-ओ-फ़र्र के साथ मैं ने भी सब को दफ़्न किया धूम-धाम से मुझ बे-अमल से रब्त बढ़ाने को आए हो ये बात है अगर तो गए तुम भी काम से डर तो ये है हुई जो कभी दिन की रौशनी उस रौशनी में तुम भी लगोगे अवाम से जिस दिन से अपनी बात रखी शाइरी के बीच मैं कट के रह गया शोअरा-ए-कराम से — Rais Farog

Nazm