Shanul Haq Haqqee

Shanul Haq Haqqee

@shanul-haq-haqqee

Shanul Haq Haqqee shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shanul Haq Haqqee's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

बड़ी तलाश से मिलती है ज़िंदगी ऐ दोस्त क़ज़ा की तरह पता पूछती नहीं आती — Shanul Haq Haqqee

Ghazal

तुम से उल्फ़त के तक़ाज़े न निबाहे जाते वर्ना हम को भी तमन्ना थी कि चाहे जाते दिल के मारों का न कर ग़म कि ये अंदोह-नसीब ज़ख़्म भी दिल में न होता तो कराहे जाते कम-निगाही की हमें ख़ुद भी कहाँ थी तौफ़ीक़ कम-निगाही के लिए उज़्र न चाहे जाते काश ऐ अब्र-ए-बहारी तिरे बहके से क़दम मेरी उम्मीद के सहरा में भी गाहे जाते हम भी क्यूँँ दहर की रफ़्तार से होते पामाल हम भी हर लग़्ज़िश-ए-मस्ती को सराहे जाते लज़्ज़त-ए-दर्द से आसूदा कहाँ दिल वाले हैं फ़क़त दर्द की हसरत में कराहे जाते है तिरे फ़ित्ना-ए-रफ़्तार का शोहरा क्या क्या गरचे देखा न किसी ने सर-ए-राहे जाते दी न मोहलत हमें हस्ती ने वफ़ा की वर्ना और कुछ दिन ग़म-ए-हस्ती से निबाहे जाते — Shanul Haq Haqqee
पाई न कोई मंज़िल पहुँचीं न कहीं राहें भटका के रहीं मुझ को आवारा गुज़रगाहें आलाम-ए-ज़माना से छूटें तो तुझे चाहें मसरूफ़-ए-मशक़्क़त हैं हसरत से भरी बाँहें सहरा ही से गुज़री थीं खोई गईं जो राहें बतलाएँगे ये चश्में ये बन ये चरागाहें शमशीर की ज़द पर हैं कुछ और हमीं जैसे हंगाम-ए-तक़ाज़ा क्या ऐ दिल वो जिसे चाहें क्या रूप बदलते हैं तस्वीर में ढलते हैं आँखों में रुके आँसू सीने में दबी आहें अब कौन कहे तारा टूटा तो कहाँ पहुँचा आज़ाद की हर दुनिया बर्बाद की सौ राहें अब नाम ग़म-ए-दिल का तस्वीर ओ क़लम तक है तूफ़ाँ ने सफ़ीनों में ढूँडी हैं पनह-गाहें तश्हीर-ए-जुनूँ कहिए या ज़ौक़-ए-सुख़न 'हक़्क़ी' अर्ज़ां हैं मिरे आँसू रुस्वा हैं मिरी आहें — Shanul Haq Haqqee