Shaukat Wasti

Shaukat Wasti

@shaukat-wasti

Shaukat Wasti shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shaukat Wasti's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Shayari
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  • Ghazal
फूल से ढलका हुआ ओस का क़तरा हूँ मैं
शाख़ से टूट के गिरता हुआ पत्ता हूँ मैं

छोड़ के चल दिया है जैसे बदन ही मुझ को
जिस की पहचान नहीं कोई वो साया हूँ मैं

जो कि दर आया था रौज़न से किरन के हमराह
तेरे कमरे में वो बे-फ़ाएदा ज़र्रा हूँ मैं

वादी-ओ-कोह-ओ-बयाबाँ से गुज़र कर आख़िर
शहर में आ के जो खो जाए वो रस्ता हूँ मैं

अपनी आँखों से नज़र ही नहीं आता मुझ को
अपने चेहरे के लिए आप ही पर्दा हूँ मैं

बूझ के और अदक़ हो वो मुअ'म्मा हुई तू
खुल के जो और उलझ जाए वो उक़्दा हूँ मैं

ख़ुद उजड़ कर किया है मैंने किसी को आबाद
नक़्श में ढल के जो मिट जाए वो जज़्बा हूँ मैं

मुद्दआ' है कि मुकम्मल करूँँ तस्लीम उसे
कल जो कहता था तेरी ज़ात का हिस्सा हूँ मैं

'शौकत' इस सीने में महसूस नहीं अब वो भी
दिल के बाइ'से कभी दावा था कि ज़िंदा हूँ मैं
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Shaukat Wasti