कोई पहले पहल मिला था तो पत्थर का फूल लिखा
    कोई छोड़ गया तो जिम्मेदारी की ज़िंदगी लिख दी
    Shreya Shivmurti
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    जो भी सादा सच्चा होगा
    मानो सबसे अच्छा होगा
    Shreya Shivmurti
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    हम ये ही समझ रहे थे
    वो हमको समझ रहे हैं
    Shreya Shivmurti
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    धुँधले-धुँधले से मेरे सारे सपने थे
    धूल हटाई तुमने तो समझा अपने थे
    Shreya Shivmurti
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    मेरे बारे में अब उतना ही जानोगे
    जितनी ख़बरें मैं ख़ुद तुम तक पहुंचाऊंगी
    Shreya Shivmurti
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    पावों के नीचे छाले हैं, आँखों के अन्दर पानी है
    किस्मत ने मारी है ठोकर, बदकिस्मत एक कहानी है
    Shreya Shivmurti
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    बहुत पुराना अख़बार नज़र में है
    फिर ख़बरों का बाज़ार नज़र में है
    Shreya Shivmurti
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    पहले हँसते-हँसते बातें करते थे
    अब जो बातें करते-करते रोते हैं
    Shreya Shivmurti
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    जाने कब जाना पड़ जाये
    अब तो सब जाने ही दो ना
    Shreya Shivmurti
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    झूला बाप का कंधा था तब माँ का आँचल ख़ुशहाली थी
    ईद मनाते थे हर दिन ही तब हर रात दिवाली थी
    Shreya Shivmurti
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