Yogendra Bahal Tishna

Yogendra Bahal Tishna

@yogendra-bahal-tishna

Yogendra Bahal Tishna shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Yogendra Bahal Tishna's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Ghazal
आती है फ़ुग़ाँ लब पे मिरे क़ल्ब-ओ-जिगर से
खुल जाए न ये भेद कहीं तेरी नज़र से

रक्खा है तिरे ग़म को हमेशा तर-ओ-ताज़ा
टपका लहू आँखों से कभी ज़ख़्म-ए-जिगर से

ले छोड़ दिया शहर तिरा कहने पे तेरे
अब हो गए हम दूर बहुत तेरे नगर से

दुनिया पे हुआ राज़ मोहब्बत का यूँ इफ़्शा
तड़पाया बहुत तू ने उठाया हमें दर से

मंसूब हैं तुझ से जो मोहब्बत के फ़साने
वक़्त आया तो लिक्खेंगे कभी ख़ून-ए-जिगर से

सीने में कहीं रुकता है सैलाब-ए-जुनूँ-ख़ेज़
दिल ख़ून हुआ मेरा मोहब्बत के असर से

सैलाब-ए-हवादिस भी हुआ शर्म से पानी
आँखों से मिरी अश्क कुछ इस शान से बरसे
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Yogendra Bahal Tishna
दर्द-ओ-ग़म रंज-ओ-अलम आह-ओ-फ़ुग़ाँ
सरगुज़श्त-ए-इश्क़ की हैं सुर्ख़ियाँ

दिल है मेरा माइल-ए-फ़रियाद आज
देख कर उन के तग़ाफ़ुल का समाँ

इक ज़रा रुक जाइए सुन लीजिए
इस दिल-ए-रंजूर की भी दास्ताँ

आप ने तो इक नज़र देखा फ़क़त
जल गया ताब-ओ-तवाँ का आशियाँ

ऐ दिल-ए-ग़म-गीं न रो इस दौर में
कौन सुनता है किसी की दास्ताँ

आतिश-ए-उल्फ़त तो कब की जल बुझी
रात दिन सीने से उठता है धुआँ

नज़्म-ए-मय-खाना बदल कर रख दें हम
आओ ऐ ज़िंदा-दिलाँ 'तिश्ना'-लबाँ
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Yogendra Bahal Tishna
तेरी आँखों से मिली जुम्बिश मिरी तहरीर को
कर दिया मैं ने मुकम्मल ख़्वाब की ता'बीर को

जब मोहब्बत की कहानी लब पे आती है कभी
वो बुरा कहते हैं मुझ को और मैं तक़दीर को

उफ़ रे ये शोर-ए-सलासिल नींद सब की उड़ गई
दो रिहाई आ के तुम पा-बस्ता-ए-ज़ंजीर को

ये अरक़-आलूदा पेशानी ये रंज-ओ-इज़तिराब
देख जा आ कर शिकस्त-ए-इश्क़ की तस्वीर को

ज़िंदगी यूँ उन के क़दमों पर निछावर मैं ने की
जैसे परवाना जला दे नूर पर तक़दीर को

ऐ मिरे मा'सूम क़ातिल इतनी मोहलत दे मुझे
चूम लूँ आँखों से अपनी बरहना शमशीर को

जिस ने चाहत के तजस्सुस में गँवा दी ज़िंदगी
वो कहाँ तोड़ेगा 'तिश्ना' ज़ुल्म की ज़ंजीर को
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