Meaning of

अफ़्सोस

afsos • افسوس

पछतावा; दुःख

regret; sorrow

افسوس; غم

Persian

मुझे बातें नहीं तेरी मोहब्बत चाहिए थी मुझे अफ़सोस है ये मुझ को कहना पड़ रहा है — Ali Zaryoun
वो सर भी काट देता तो होता न कुछ मलाल अफ़्सोस ये है उस ने मेरी बात काट दी — Tahir Faraz
फ़ातिहा पढ़ कि फूल रख मुझ पर आ गया है तो कुछ जता अफ़सोस — Siraj Faisal Khan
बोसाँ लबाँ सीं देने कहा कह के फिर गया प्याला भरा शराब का अफ़्सोस गिर गया — Abroo Shah Mubarak
ये मयख़ाने में बैठ अफ़सोस अब क्यूँ तेरे हिस्से भी तो जवानी लिखी थी — Amaan Pathan
इंसान अपने आप में मजबूर है बहुत कोई नहीं है बे-वफ़ा अफ़्सोस मत करो — Bashir Badr
अफ़सोस हो रहा है तेरी शक्ल देख कर क्या कोई तेरा चाहने वाला नहीं रहा — Abbas Tabish
हम चाहते थे मौत ही हम को जुदा करे अफ़्सोस अपना साथ वहाँ तक नहीं हुआ — Waseem Nadir
उस को चाहा और चाहत पर क़ायम हैं पर अफ़सोस के हम इज़हार नहीं कर सकते — Shadab Asghar

'अफ़्सोस' गहरे पछतावे या दुःख की भावना को व्यक्त करता है। कविता में, यह छूटे हुए अवसरों और अधूरी इच्छाओं के उदासीन सार को पकड़ता है, जो मानव स्थिति के साथ गूंजता है।

कवि अक्सर 'अफ़्सोस' का उपयोग अनकहे शब्दों के बोझ और खोए हुए क्षणों के दर्द को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति की याद दिलाता है।

अफ़्सोस एक छाया की तरह बना रहता है, जीवन की यात्रा में एक स्थायी साथी।