faatiha padh ki phool rakh mujh par | फ़ातिहा पढ़ कि फूल रख मुझ पर

  - Siraj Faisal Khan

फ़ातिहा पढ़ कि फूल रख मुझ पर
आ गया है तो कुछ जता अफ़सोस

  - Siraj Faisal Khan

Kitaaben Shayari

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