Khurram Afaq

Khurram Afaq

@khurram-afaq

Khurram Afaq shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Khurram Afaq's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

वो आग बुझी तो हमें मौसम ने झिंझोड़ा वर्ना यही लगता था कि सर्दी नहीं आई — Khurram Afaq
पहले ये रब्त मेरी ज़रूरत बनाओगे और फिर कहोगे राब्ता मुमकिन नहीं रहा — Khurram Afaq
तुम इस का नुक़सान बताती अच्छी लगती हो वरना हम को शौक़ नहीं है सिगरेट-नोशी का — Khurram Afaq
बुरा बनता हूँ कि शायद ऐसे वो मिरे सामने अच्छा बन जाए — Khurram Afaq
दवा से हल न हुआ तो दुआ पे छोड़ दिया तिरा मोआ'मला हम ने ख़ुदा पे छोड़ दिया — Khurram Afaq
ये रख रखाव कभी ख़त्म होने वाला नहीं बिछड़ते वक़्त भी तुझ को गुलाब दूँगा मैं — Khurram Afaq
इक रात उस ने चंद सितारे बुझा दिए उस को लगा था कोई उन्हें गिन नहीं रहा — Khurram Afaq
यूँँ न कर वस्ल के लम्हों को हवस से ता'बीर चंद पत्ते ही तो तोड़े हैं शजर से मैं ने — Khurram Afaq
बड़ी मुश्किल से नीचे बैठते हैं जो तेरे साथ उठते बैठते हैं — Khurram Afaq

Ghazal