ye rakh rakhaav kabhi khatm hone waala nahin | ये रख रखाव कभी ख़त्म होने वाला नहीं

  - Khurram Afaq

ये रख रखाव कभी ख़त्म होने वाला नहीं
बिछड़ते वक़्त भी तुझको गुलाब दूँगा मैं

  - Khurram Afaq

Gulaab Shayari

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