Abid Sial

Abid Sial

@abid-sial

Abid Sial shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Abid Sial's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

देख सौदागर ये दुनिया कि कुछ देर के बा'द तू तलबगार-ए-तमाशा हो तो बाज़ार न हो — Abid Sial
है आँख अपने ही पानी में डूब कर ज़िंदा दिल अपने मलबे के नीचे पड़ा धड़कता है — Abid Sial
नवाह-ए-दिल किसी हलचल पे आँख फड़की है कहाँ का वहम है और किस जगह धड़कता है — Abid Sial
मैं एक पल से दुबारा गुज़रना चाहता हूँ उसे बुलाओ जो करता था मुम्किनात पे बात — Abid Sial
इस खंडर पर नहीं रुकना मेरी मंज़िल है महल ख़्वाब शहज़ादी का देखा था ख़ज़ाने का नहीं — Abid Sial

Ghazal

जो मुयस्सर है यहाँ इतना भी उस पार न हो ऐसी जल्दी में उधर जाने को तैयार न हो देख सौदागर ये दुनिया कि कुछ देर के बा'द तू तलबगार-ए-तमाशा हो तो बाज़ार न हो सुर्ख़ी-ए-सुब्ह से सहमाए गए ख़्वाब और अब आँख बेदार न हो सुब्ह नमूदार न हो पेंच पड़ता है अभी रेत में और पाँव में जिस किनारे पे लगा हूँ कहीं मँझधार न हो ये अजब लोग हैं देते हैं तो इतनी तकरीम कुछ को मंज़ूर न हो कुछ को सज़ावार न हो यूँ उतारें तुझे दिल से कि तेरे जाने के बा'द आँख बोझिल न रहे दिल पे कोई बार न हो एक से एक यहाँ हल्क़ा-ए-ज़ंजीर-ए-लतीफ़ पहली ही नर्म कलाई का गिरफ़्तार न हो छोड़ रग़बत की अदाकारी ये मुमकिन ही नहीं तब' शायर की हो मौजूद़ से बेज़ार न हो — Abid Sial