badi mushkil se neeche baithe hain | बड़ी मुश्किल से नीचे बैठते हैं

  - Khurram Afaq

बड़ी मुश्किल से नीचे बैठते हैं
जो तेरे साथ उठते-बैठते हैं

अकेले बैठना होगा किसी को
अगर हम तुम इकट्ठे बैठते हैं

  - Khurram Afaq

Alone Shayari

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    कोशिश के बावजूद भी साकिन नहीं रहा
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