Shahryar

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Shahryar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shahryar's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

तमाम उम्र का हिसाब माँगती है ज़िंदगी ये मेरा दिल कहे तो क्या कि ख़ुद से शर्मसार है — Shahryar
न ख़ुश-गुमान हो इस पर तू ऐ दिल-ए-सादा सभी को देख के वो शख़्स मुस्कुराता है — Shahryar
सियाह रात नहीं लेती नाम ढलने का यही तो वक़्त है सूरज तिरे निकलने का — Shahryar
है आज ये गिला कि अकेला है 'शहरयार' तरसोगे कल हुजूम में तन्हाई के लिए — Shahryar
दिल है तो धड़कने का बहाना कोई ढूँढ़े पत्थर की तरह बेहिस ओ बेजान सा क्यूँँ है — Shahryar
मिरे सूरज आ! मिरे जिस्म पे अपना साया कर बड़ी तेज़ हवा है सर्दी आज ग़ज़ब की है — Shahryar
हम ख़ुश हैं हमें धूप विरासत में मिली है अज्दाद कहीं पेड़ भी कुछ बो गए होते — Shahryar
जहाँ में होने को ऐ दोस्त यूँ तो सब होगा तेरे लबों पे मेरे लब हों ऐसा कब होगा — Shahryar
वो बे-वफ़ा है हमेशा ही दिल दुखाता है मगर हमें तो वही एक शख़्स भाता है — Shahryar
गुलाब टहनी से टूटा ज़मीन पर न गिरा करिश्में तेज़ हवा के समझ से बाहर हैं — Shahryar
सभी को ग़म है समुंदर के ख़ुश्क होने का कि खेल ख़त्म हुआ कश्तियाँ डुबोने का — Shahryar
या तेरे अलावा भी किसी शय की तलब है या अपनी मोहब्बत पे भरोसा नहीं हम को — Shahryar
अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो मैं अपने साए से कल रात डर गया यारो — Shahryar
शदीद प्यास थी फिर भी छुआ न पानी को मैं देखता रहा दरिया तिरी रवानी को — Shahryar

Ghazal

ये क्या जगह है दोस्तो ये कौन सा दयार है हद-ए-निगाह तक जहाँ ग़ुबार ही ग़ुबार है हर एक जिस्म रूह के अज़ाब से निढाल है हर एक आँख शबनमी हर एक दिल फ़िगार है हमें तो अपने दिल की धड़कनों पे भी यक़ीं नहीं ख़ुशा वो लोग जिन को दूसरों पे ए'तिबार है न जिस का नाम है कोई न जिस की शक्ल है कोई इक ऐसी शय का क्यूँ हमें अज़ल से इंतिज़ार है ये किस मक़ाम पे हयात मुझ को ले के आ गई न बस ख़ुशी पे है जहाँ न ग़म पे इख़्तियार है तमाम उम्र का हिसाब माँगती है ज़िंदगी ये मेरा दिल कहे तो क्या कि ख़ुद से शर्मसार है बुला रहा है कौन मुझ को चिलमनों के उस तरफ़ मेरे लिए भी क्या कोई उदास बे-क़रार है — Shahryar