Intezaar Shayari - Poetic Verses Reflecting Waiting and Longing

Explore a soulful collection of Intezaar Shayari that beautifully captures the emotions of waiting and longing. These poetic lines express the pain, hope, and love tied to the act of waiting for someone or something special.

Best Intezaar Shayari on Waiting and Hope

prateeksha shayari
अब जो पत्थर है आदमी था कभी
इस को कहते हैं इंतिज़ार मियाँ
Afzal Khan
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वो न आएगा हमें मालूम था इस शाम भी
इंतिज़ार उस का मगर कुछ सोच कर करते रहे
Parveen Shakir
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हमें भी आज ही करना था इंतिज़ार उस का
उसे भी आज ही सब वादे भूल जाने थे
Aashufta Changezi
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न हुआ नसीब क़रार-ए-जाँ हवस-ए-क़रार भी अब नहीं
तिरा इंतिज़ार बहुत किया तिरा इंतिज़ार भी अब नहीं

तुझे क्या ख़बर मह-ओ-साल ने हमें कैसे ज़ख़्म दिए यहाँ
तिरी यादगार थी इक ख़लिश तिरी यादगार भी अब नहीं
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Jaun Elia
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तिरी सदा का है सदियों से इंतिज़ार मुझे
मिरे लहू के समुंदर ज़रा पुकार मुझे
Khalilur Rahman Azmi
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Heart Touching Intezaar Shayari in Hindi

intzaar shayari
माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं
तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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उस वक़्त इंतिज़ार का आलम न पूछिए
जब कोई बार बार कहे आ रहा हूँ मैं
Unknown
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रात का इंतज़ार कौन करे
आज कल दिन में क्या नहीं होता
Bashir Badr
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सब इंतज़ार में थे कब कोई ज़बान खुले
फिर उसके होंठ खुले और सबके कान खुले
Umair Najmi
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अब इन हुदूद में लाया है इंतिज़ार मुझे
वो आ भी जाएँ तो आए न ऐतबार मुझे
Khumar Barabankvi
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Emotional Intezaar Shayari on Love and Longing

intizaar shayari
ये न थी हमारी क़िस्मत कि विसाल-ए-यार होता
अगर और जीते रहते यही इंतिज़ार होता
Mirza Ghalib
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ग़ज़ब किया तिरे वअ'दे पे ए'तिबार किया
तमाम रात क़यामत का इंतिज़ार किया
Dagh Dehlvi
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तमाम जिस्म को आँखें बना के राह तको
तमाम खेल मुहब्बत में इंतज़ार का है
Munawwar Rana
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रूह मेरी अब करेगी इन्तिज़ार
क़ब्र में ये फ़ोन भी रख दीजिए
Tanoj Dadhich
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जान-लेवा थीं ख़्वाहिशें वर्ना
वस्ल से इंतिज़ार अच्छा था
Jaun Elia
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Beautiful Intezaar Shayari in Urdu

intezaar shayari
हम ने अक्सर तुम्हारी राहों में
रुक कर अपना ही इंतिज़ार किया
Gulzar
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जानता है कि वो न आएँगे
फिर भी मसरूफ़-ए-इंतिज़ार है दिल
Faiz Ahmad Faiz
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तुझे कैसे इल्म न हो सका बड़ी दूर तक ये ख़बर गई
तिरे शहर ही की ये शाएरा तिरे इंतिज़ार में मर गई
Mumtaz Naseem
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उम्र-ए-दराज़ माँग के लाई थी चार दिन
दो आरज़ू में कट गए दो इंतिज़ार में
Seemab Akbarabadi
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न कोई वा'दा न कोई यक़ीं न कोई उमीद
मगर हमें तो तिरा इंतिज़ार करना था
Firaq Gorakhpuri
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Short Intezaar Shayari for Instagram Captions

intezar shayari
चेहरे को आज तक भी तेरा इंतिज़ार है
हम ने गुलाल और को मलने नहीं दिया
Kunwar Bechain
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ये इंतिज़ार सहर का था या तुम्हारा था
दिया जलाया भी मैं ने दिया बुझाया भी
Aanis Moin
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मुझ को ये आरज़ू वो उठाएँ नक़ाब ख़ुद
उन को ये इंतिज़ार तक़ाज़ा करे कोई
Asrar Ul Haq Majaz
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हम हैं रहे-उम्मीद से बिल्कुल परे परे
अब इंतज़ार आपका कोई करे! करे!

मैंने तो यूँ ही अपनी तबीयत सुनाई थी
तुम तो लगीं सफाइयाँ देने, अरे! अरे!
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Balmohan Pandey
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मैं लौटने के इरादे से जा रहा हूँ मगर
सफ़र सफ़र है मिरा इंतिज़ार मत करना
Sahil Sahri Nainitali
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Poetic Intezaar Shayari on Patience and Desire

intzar shayari
कहीं वो आ के मिटा दें न इंतिज़ार का लुत्फ़
कहीं क़ुबूल न हो जाए इल्तिजा मेरी
Hasrat Jaipuri
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शब-ए-इंतिज़ार की कश्मकश में न पूछ कैसे सहर हुई
कभी इक चराग़ जला दिया कभी इक चराग़ बुझा दिया
Majrooh Sultanpuri
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जिस दिन तुम्हारे ख़त का मुझे इंतज़ार था
उस दिन तमाम पंछी कबूतर लगे मुझे
Ali Rumi
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बे-ख़ुदी ले गई कहाँ हम को
देर से इंतिज़ार है अपना
Meer Taqi Meer
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बाग़-ए-बहिश्त से मुझे हुक्म-ए-सफ़र दिया था क्यूँ
कार-ए-जहाँ दराज़ है अब मिरा इंतिज़ार कर
Allama Iqbal
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Intezaar Shayari on Unspoken Feelings

prateeksha shayari
वो चाँद कह के गया था कि आज निकलेगा
तो इंतिज़ार में बैठा हुआ हूँ शाम से मैं
Farhat Ehsaas
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इक पल का क़ुर्ब एक बरस का फिर इंतिज़ार
आई है जनवरी तो दिसम्बर चला गया
Rukhsaar Nazimabadi
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मैं बहुत जल्द लौट आऊँगा
तुम मिरा इंतिज़ार मत करना
Liaqat Jafri
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गली में बैठे हैं उसकी नज़र जमाए हुए
हमारे बस में फ़क़त इंतिज़ार करना है
Swapnil Tiwari
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कहाँ है तू कि तिरे इंतिज़ार में ऐ दोस्त
तमाम रात सुलगते हैं दिल के वीराने
Nasir Kazmi
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Thoughtful Intezaar Shayari on Love and Separation

intzaar shayari
कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़
किसी की आँख में हम को भी इंतिज़ार दिखे
Gulzar
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इश्क़ में ख़ुदकुशी नहीं करते
इश्क़ में इंतिज़ार करते हैं
Rajesh Reddy
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ये कैसा नश्शा है मैं किस अजब ख़ुमार में हूँ
तू आ के जा भी चुका है मैं इंतिज़ार में हूँ
Muneer Niyazi
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है ख़ुशी इंतिज़ार की हर दम
मैं ये क्यूँ पूछूँ कब मिलेंगे आप
Nizam Rampuri
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था इंतिज़ार मनाएँगे मिल के दीवाली
न तुम ही लौट के आए न वक़्त-ए-शाम हुआ
Aanis Moin
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Romantic Intezaar Shayari for Lovers

intizaar shayari
कोई आया न आएगा लेकिन
क्या करें गर न इंतिज़ार करें
Firaq Gorakhpuri
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तू वो बहार जो अपने चमन में आवारा
मैं वो चमन जो बहाराँ के इंतिज़ार में है
Ali Sardar Jafri
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लौट कर नहीं आता कब्र से कोई लेकिन
प्यार करने वालों को इंतज़ार रहता है
Shabeena Adeeb
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थक गए हम करते करते इंतिज़ार
इक क़यामत उन का आना हो गया
Akhtar Shirani
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कोई इशारा दिलासा न कोई वादा मगर
जब आई शाम तिरा इंतिज़ार करने लगे
Waseem Barelvi
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Intezaar Shayari on Pain and Anticipation

आप का ए'तिबार कौन करे
रोज़ का इंतिज़ार कौन करे
Dagh Dehlvi
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इक उम्र कट गई है तिरे इंतिज़ार में
ऐसे भी हैं कि कट न सकी जिन से एक रात
Firaq Gorakhpuri
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ये दाग़ दाग़ उजाला ये शब-गज़ीदा सहर
वो इंतिज़ार था जिस का ये वो सहर तो नहीं
Faiz Ahmad Faiz
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उड़ गए सारे परिंदे मौसमों की चाह में
इंतिज़ार उन का मगर बूढे शजर करते रहे
Ambreen Haseeb Ambar
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अब वो भी देखे मेरे ही इंतिज़ार को बस
सो उसके दर पे रख आया मैं ये आँखें अपनी
NISHKARSH AGGARWAL