Rajesh Reddy

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@rajesh-reddy

Rajesh Reddy shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Rajesh Reddy's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal

दोस्तों का क्या है वो तो यूँ भी मिल जाते हैं मुफ़्त
रोज़ इक सच बोल कर दुश्मन कमाने चाहिएँ

Rajesh Reddy

इतनी जल्दी न गिरा अपने हसीं रुख़ पे नक़ाब
तू मुझे ठीक से हैरान तो हो लेने दे

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दफ़्न का एक दिन मुअय्यन है
मौत तो रोज़ का मुआमिला है

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वो आफ़ताब लाने का देकर हमें फ़रेब
हमसे हमारी रात के जुगनू भी ले गया

Rajesh Reddy
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नई लाशें बिछाने के लिए ही
गड़े मुर्दे उखाड़े जा रहे हैं

Rajesh Reddy
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देर तक हँसते रहे आलमपनाह
डर के मारे मस्ख़रे रोने लगे

Rajesh Reddy
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फूल के होंठों से ख़ुश्बू के मआनी सुनकर
अपना शेर अच्छा लगा तेरी ज़ुबानी सुनकर

Rajesh Reddy
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घर से निकले थे हौसला कर के
लौट आए ख़ुदा ख़ुदा कर के

ज़िंदगी तो कभी नहीं आई
मौत आई ज़रा ज़रा करके

Rajesh Reddy
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यूँ देखिए तो आँधी में बस इक शजर गया
लेकिन न जाने कितने परिंदों का घर गया

जैसे ग़लत पते पे चला आए कोई शख़्स
सुख ऐसे मेरे दर पे रुका और गुज़र गया

Rajesh Reddy
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शाम को जिस वक़्त ख़ाली हाथ घर जाता हूँ मैं
मुस्कुरा देते हैं बच्चे और मर जाता हूँ मैं

Rajesh Reddy
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शराफ़त ने मुझको कहीं का न छोड़ा
रक़ीब अपने ख़त मुझसे लिखवा रहे हैं

Rajesh Reddy
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परिन्दे होते तो डाली पर लौट भी जाते
हमें न याद दिलाओ कि शाम हो गई है

Rajesh Reddy
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खुलते-खुलते रह गई मेरी ज़ुबाँ
इक तमाशा होते-होते रह गया

Rajesh Reddy
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इश्क़ में ख़ुदकुशी नहीं करते
इश्क़ में इंतिज़ार करते हैं

Rajesh Reddy
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आसमाँ ने बंद कर लीं खिड़कियाँ
अब ज़मीं में उसकी दिलचस्पी नहीं

Rajesh Reddy
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वो आफ़ताब लाने का देकर हमें फ़रेब
हमसे हमारी रात के जुगनू भी ले गया

Rajesh Reddy
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दरवाज़े के अंदर इक दरवाज़ा और
छुपा हुआ है मुझ में जाने क्या क्या और

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रक़्स करना है तो फिर होश की पाज़ेब उतार
आलम-ए-वज्द में ही बे-ख़बरी आती है

Rajesh Reddy
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जितनी बटनी थी बट चुकी ये ज़मीं
अब तो बस आसमान बाक़ी है

Rajesh Reddy
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नाराज़गी का मेरी ये आलम है इन दिनों
है बंद अपने आप से भी बोल-चाल यार

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