Khalilur Rahman Azmi

Khalilur Rahman Azmi

@khalilur-rahman-azmi

Khalilur Rahman Azmi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Khalilur Rahman Azmi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
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Sher

और तो कोई बताता नहीं इस शहर का हाल इश्तिहारात ही दीवार के पढ़ कर देखें — Khalilur Rahman Azmi
निकाले गए इस के मअ'नी हज़ार अजब चीज़ थी इक मेरी ख़ामुशी — Khalilur Rahman Azmi
तेरी वफ़ा में मिली आरज़ू-ए-मौत मुझे जो मौत मिल गई होती तो कोई बात भी थी — Khalilur Rahman Azmi
कोई वक़्त बतला कि तुझ से मिलूँ मेरी दौड़ती भागती ज़िंदगी — Khalilur Rahman Azmi
यूँँ तो मरने के लिए ज़हर सभी पीते हैं ज़िंदगी तेरे लिए ज़हर पिया है मैं ने — Khalilur Rahman Azmi
हम सा मिले कोई तो कहें उस से हाल-ए-दिल हम बन गए ज़माने में क्यूँ अपनी ही मिसाल — Khalilur Rahman Azmi
सुना रहा हूँ उन्हें झूट-मूट इक क़िस्सा कि एक शख़्स मोहब्बत में कामयाब रहा — Khalilur Rahman Azmi
देखने वाला कोई मिले तो दिल के दाग़ दिखाऊँ ये नगरी अँधों की नगरी किस को क्या समझाऊँ — Khalilur Rahman Azmi
दुनिया भर की राम-कहानी किस किस ढंग से कह डाली अपनी कहने जब बैठे तो एक एक लफ़्ज़ पिघलता था — Khalilur Rahman Azmi
तिरी सदा का है सदियों से इंतिज़ार मुझे मिरे लहू के समुंदर ज़रा पुकार मुझे — Khalilur Rahman Azmi

Ghazal

कहाँ खो गई रूह की रौशनी बता मेरी रातों की आवारगी मैं जब लम्हे लम्हे का रस पी चुका तो कुछ और जागी मिरी तिश्नगी अगर घर से निकलूँ तो फिर तेज़ धूप मगर घर में डसती हुई तीरगी ग़मों पे तबस्सुम की डाली नक़ाब तो होने लगी और बे-पर्दगी मगर जागना अपनी क़िस्मत में था बुलाती रही नींद की जल-परी जो तामीर की कुंज-ए-तन्हाई में वो दीवार अपने ही सर पर गिरी हुई बारिश-ए-संग उस शहर में हमें भी मिला हक़्क़-ए-हम-साएगी गुज़ारी है कितनों ने इस तरह उम्र बिल-अक़सात करते रहे ख़ुद-कुशी कोई वक़्त बतला कि तुझ से मिलूँ मिरी दौड़ती भागती ज़िंदगी जिन्हें साथ चलना हो चलते रहें घड़ी वक़्त की किस की ख़ातिर रुकी में जीता तो पाई किसी से न दाद में हारा तो घर पर बड़ी भीड़ थी मुझे ये अंधेरे निगल जाएँगे कहाँ है तू ऐ मेरे सूरज-मुखी हुआ हम पे अब जिन का साया हराम थी उन बादलों से कभी दोस्ती निकाले गए इस के मअ'नी हज़ार अजब चीज़ थी इक मिरी ख़ामुशी — Khalilur Rahman Azmi