किए कराए का सारा हिसाब दूँगा मैंसवाल जो भी करोगे जवाब दूँगा मैंये रख-रखाव कभी ख़त्म होने वाला नहींबिछड़ते वक़्त भी तुझ को गुलाब दूँगा मैं— Khurram Afaq