Vishal Bagh

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@vishal-bagh

Vishal Bagh shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Vishal Bagh's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal

Sher

उस के हाथों में बस हम ही जँचते थे दावा सोने का कंगन भी करता था — Vishal Bagh
तुम्हारे अंदर छुपी हुई इक हसीन लड़की ज़रा से काजल ज़रा सी लाली से मिल गई है — Vishal Bagh
उस ने महफ़िल से उठाया हम को जिस को पलकों पे बिठाया हम ने — Vishal Bagh
मेरे सय्याद को कोई बुला दे मेरे पिंजरे को तोडा जा रहा है — Vishal Bagh
दुआए माँगते हैं इसीलिए अपने उजड़ने की हमें तो यार तेरे हाथ से तामीर होना हैं — Vishal Bagh
तुम कली पर निखार आने दो देखना डाल ख़ुद झटक देगी — Vishal Bagh
अभी रोने दो शम्ओं को मत रोको ये परवाने का मातम कर रही हैं — Vishal Bagh
दुनिया कुछ देरी से सजदा करती है जोगी पहले दिन से जोगी होता हैं — Vishal Bagh
उस की तस्वीर बंद आँखों से पहले बनती थी अब नहीं बनती — Vishal Bagh
बा'द उस के दिल-नगर फिर बस गया एहतिरामन इक गली वीरान है — Vishal Bagh
मिट्टी और पानी भी हमें नाप कर मिलते हैं तुम गमले में पालने को आसान समझते हो — Vishal Bagh
आज फिर कुफ़्र कमाया हम ने शोर को शे'र सुनाया हम ने — Vishal Bagh
जब तलक अनजान थे महफ़ूज़ थे जान लेना जानलेवा हो गया — Vishal Bagh
तेरा इकरार मुझे सिर्फ़ तेरा कर देता तेरे इनकार ने ते माँग बढ़ाई मेरी — Vishal Bagh
मुझ को उस की नज़रे अपने चेहरे पर महसूस हुई इस का मतलब उस ने मेरी तस्वीरों को देखा हैं — Vishal Bagh
उम्र ये मेरी सिर्फ़ लबादा मेरे ख़द ओ ख़ाल का है मेरा दिल तो मुश्किल से कुछ सोलह सत्रह साल का है! — Vishal Bagh

Ghazal

मेरे जिया की मेरे पिया को तुम्हीं सुनाओ निगोड़ी अँखियों ये चुप का पत्थर पड़ा है दिल पर इसे हटाओ निगोड़ी अँखियों बरसती जाओ बरसती जाओ बरसती जाओ बरसती जाओ कि दिल से सब कुछ बहा के उस की जगह बनाओ निगोड़ी अँखियों उसी को देखो उसी को देखो उसी को देखो उसी को देखो कि देखने का है काम तुम को सो काम आओ निगोड़ी अँखियों मुआँ ये दर्पण मुआँ ये दर्पण मुआँ ये दर्पण मुआँ ये दर्पण मुझे इसी की नज़र लगी है इसे हटाओ निगोड़ी अँखियों वो उठ गया है वो चल दिया है वो जा रहा है चला न जाए उसे मनाओ उसे मनाओ उसे मनाओ निगोड़ी अँखियों — Vishal Bagh