@varun-anand
Varun Anand shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Varun Anand's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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लोगों को उस का नाम बताने से रह गया
इक लफ़्ज़ था जो शेर में आने से रह गया
इस बार भी उसी की सुनी उस की मान ली
इस बार भी मैं अपनी सुनाने से रह गया
तेरे कहने से ये जादू नहीं होने वाला
अब सितारा कोई जुगनू नहीं होने वाला
फिर भी बेताब हूँ कितना मैं तेरा होने को
जानता हूँ कि मेरा तू नहीं होने वाला
बड़ी जल्दी में था उस दिन ज़रा बेचैन भी था वो
उसे कहना था कुछ मुझसे मगर वो कह नहीं पाया
जिस शय पर वो उँगली रख दे उस को वो दिलवानी है
उस की ख़ुशियाँ सब से अव्वल सस्ता महँगा एक तरफ़
ये प्यार तेरी भूल है क़ुबूल है
मैं संग हूँ तू फूल है क़ुबूल है
तू रूठेगी तो मैं मनाऊँगा नहीं
जो रूल है वो रूल है क़ुबूल है
मैंने जैसी चाही थी ना वैसी इनमें खनखन नइँ
जितने प्यारे हाथ हैं तेरे उतने प्यारे कंगन नइँ
इतना ऊँचा उड़ना भी कुछ ठीक नहीं
पाबंदी लग जाती है परवाज़ों पर
तुझको छू कर और किसी की चाह रखे
हैरत है और लानत है ऐसे हाथों पर
तेरी निगाह-ए-नाज़ से छूटे हुए दरख़्त
मर जाएँ क्या करें बता सूखे हुए दरख़्त
हैरत है पेड़ नीम के देने लगे हैं आम
पगला गए हैं आपके चूमे हुए दरख़्त
उस ने सारी दुनिया माँगी मैंने उस को माँगा है
उस के सपने एक तरफ़ हैं मेरा सपना एक तरफ़