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@wasi-shah
Wasi Shah shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Wasi Shah's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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तुम मिरी आँख के तेवर न भुला पाओगेअन-कही बात को समझोगे तो याद आऊँगा
न तुम्हें होश रहे और न मुझे होश रहेइस क़दर टूट के चाहो मुझे पागल कर दो
तुम मेरी पहली मोहब्बत तो नहीं हो लेकिनमैंने चाहा है तुम्हें पहली मोहब्बत की तरह
तेरे गले में जो बाँहों को डाल रखते हैंतुझे मनाने का कैसा कमाल रखते हैं
हर एक शख़्स चलेगा हमारी राहों परमोहब्बतों में हमें वो मिसाल होना है
माँगे तो अगर जान भी हँस के तुझे दे दें तेरी तो कोई बात भी टाली नहीं जाती
मालूम हमें भी हैं बहुत से तेरे किस्से पर बात तेरी हमसे उछाली नहीं जाती
हम जान से जाएँगे तभी बात बनेगी तुम से तो कोई राह निकाली नहीं जाती
ज़िन्दगी अब के मेरा नाम ना शामिल करना गर ये तय है कि यही खेल दोबारा होगा