Meaning of

अमर

amar • فدا

अमर; शाश्वत

immortal; eternal

امر; ابدی

Sanskrit

ऐसे हँस हँस के न देखा करो सब की जानिब लोग ऐसी ही अदाओं पे फ़िदा होते हैं — Majrooh Sultanpuri
रहनुमाओं की अदाओं पे फ़िदा है दुनिया इस बहकती हुई दुनिया को सँभालो यारो — Dushyant Kumar
ज़रा रूठ जाने पे इतनी ख़ुशामद 'क़मर' तुम बिगाड़ोगे आदत किसी की — Qamar Jalalvi
मैं तुझे बज़्म में लाऊँगा मेरी जान मगर लोग जब दूसरे चेहरों पे फ़िदा हो जाएँ — Ashu Mishra
मेरे रश्क-ए-क़मर तू ने पहली नज़र जब नज़र से मिलाई मज़ा आ गया बर्क़ सी गिर गई काम ही कर गई आग ऐसी लगाई मज़ा आ गया — Fana Bulandshahri
ज़माना तो फ़िदा है मुस्कुराहट पर हमारी मगर दिल थक चुका है कसरत-ए-लब से बहुत अब — Kiran K
अश्क़-ओ-ख़ून घुलते हैं तब दीदा-ए-तर बनती है दास्तान इश्क़ में मरने से अमर बनती है — Jaani Lakhnavi

'अमर' शब्द कालातीतता और भौतिक क्षेत्र से परे जीवन के अतिक्रमण की भावना को जागृत करता है। कविता में, यह अक्सर प्रेम, आत्मा या विरासत की अमरता का प्रतीक होता है।

कवि 'अमर' का उपयोग उस प्रेम की अवधारणा को व्यक्त करने के लिए करते हैं जो समय को चुनौती देता है। यह उन आदर्शों या स्मृतियों का भी प्रतिनिधित्व कर सकता है जो वर्षों के बीतने से अप्रभावित रहते हैं।

कविता के क्षेत्र में, 'अमर' मानव आत्मा की स्थायी शक्ति का प्रमाण है।