मेरे रश्क-ए-क़मर तू ने पहली नज़र जब नज़र से मिलाई मज़ा आ गयाबर्क़ सी गिर गई काम ही कर गई आग ऐसी लगाई मज़ा आ गया— Fana Bulandshahri