Nadim Nadeem

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Nadim Nadeem shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Nadim Nadeem's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

उदास रहने से ग़ज़लों में जान आती है सो पूरा ध्यान लगाकर उदास रहने लगे — Nadim Nadeem
उँगलियों चैन पड़ गया तुम को उस ने इग्नोर कर दिया मैसेज — Nadim Nadeem
इन से उम्मीद न रख हैं ये सियासत वाले ये किसी से भी मोहब्बत नहीं करने वाले — Nadim Nadeem
हमारे सीने पे उँगलियों से तुम अपना चेहरा बना रहे थे तुम्हें कुछ उस की ख़बर नहीं थी हमारे दिल में जो चल रहा था — Nadim Nadeem

Ghazal

हम जो दीवार पे तस्वीर बनाने लग जाएँ तितलियाँ आ के तिरे रंग चुराने लग जाएँ फिर न हो मख़मली तकिए की ज़रूरत मुझ को तेरे बाज़ू जो कभी मेरे सिरहाने लग जाएँ चाँद तारों में भी तब नूर इज़ाफ़ी हो जाए छत पे जब ज़िक्र तिरा यार सुनाने लग जाएँ चंद सिक्कों पे तुम इतराए हुए फिरते हो हाथ मुफ़्लिस के कहीं जैसे ख़ज़ाने लग जाएँ क्यूँँ न फिर शाख़ शजर फूल सभी मुरझाएँ भाई जब सहन में दीवार उठाने लग जाएँ उस ने दो लफ़्ज़ में जो बातें कहीं थी मुझ से उस को मैं सोचने बैठूँ तो ज़माने लग जाएँ फिर ज़माने में न हो कोई परेशाँ 'नादिम' तेरे जैसे भी निकम्में जो कमाने लग जाएँ — Nadim Nadeem
ग़ौर से मुझ को देखता है क्या मेरे चेहरे पे कुछ लिखा है क्या मेरी आँखों में झाँकता है क्या तुझ को इन में ही डूबना है क्या मेरे होंटों को छू लिया उस ने क्या बताऊँ मुझे हुआ है क्या ऐ कबूतर ज़रा बता मुझ को उन की छत पर भी बैठता है क्या पर कटे पंछियों से पूछते हो तुम में उड़ने का हौसला है क्या फ़ासले इश्क़ में ही होते हैं तुझ को ये भी नहीं पता है क्या मेरी दुनिया में बस तू ही तू है अब बता तेरा फ़ैसला है क्या प्यार से माँग ली है जान उस ने मेरे हिस्से में अब बचा है क्या चल कहीं दूर चलते हैं 'नादिम' घर को जाने में भी रखा है क्या — Nadim Nadeem
दुनिया की नज़रों में हम तो जोकर हैं सब को ख़ुश रक्खें मतलब वो जोकर हैं अपना अपना दर्द छुपाते हैं दोनों इक वो है इक मैं हूँ हम दो जोकर हैं आईना रोया है उन की बातों पर बैठे ख़ुद के सामने जब दो जोकर हैं बात हमारी सुन कर पहले रोए सब लेकिन फिर ये बोले छोड़ो, जोकर हैं चालू है सर्कस चाहें कुछ भी कह दें उन की बात पे मत जाओ वो जोकर हैं नाम छुपाकर दर्द ख़रीदो दुनिया के कोई गर पूछे तो कह दो जोकर हैं अपने ग़म को भूल के हम पर हँसते हो ग़म का है एहसास हमें सो जोकर हैं ख़त्म कहानी कर के जब तुम ही ख़ुश हो अपना क्या है यार अपन तो जोकर हैं — Nadim Nadeem