जो बिस्मिल बना दे वो क़ातिल तबस्सुम जो क़ातिल बना दे वो दिलकश नज़ारामोहब्बत का भी खेल नाज़ुक है कितनानज़र मिल गई आप जीते मैं हारा— Nushur Wahidi