Meaning of

अर्वाह

arwaah • ارواح

आत्माएँ; रूहें

spirits; souls

روحیں; ارواح

Arabic

नहीं दुनिया को जब परवाह हमारी तो फिर दुनिया की परवाह क्यूँँ करें हम — Jaun Elia
किसी सीने पे आहट दी, किसी काँधे पे सर रक्खा हुए कितने भी बेपरवाह मगर बस एक घर रक्खा — Beybaar
है किस को तेरी परवाह यहाँ तू ऊँची उड़ान भर ये जो लोग हैं रस्ता नइँ मन्ज़िल देखा करते हैं बस — Pankaj murenvi
हमें अपनी नहीं परवाह कोई पड़ोसी बढ़ रहा है गड़ रहा है — Rehan Umar
इश्क़ परवाह क्यूँ नहीं करता वक़्त आगाह क्यूँ नहीं करता — Taufique Habib

अर्वाह का मूल अर्थ है किसी प्राणी का अमूर्त हिस्सा, वह आत्मा जो भौतिकता से परे है। कविता में यह अक्सर शाश्वत, अदृश्य और अस्तित्व के रहस्यमय पहलुओं का प्रतीक होता है।

कवि अर्वाह का उपयोग मृत्यु के बाद जीवन, आत्मा की निरंतरता और सांसारिक और दिव्य के बीच संबंध की थीम में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह आश्चर्य और आत्मनिरीक्षण की भावना को जागृत करता है।

अर्वाह हमें अदृश्य क्षेत्रों पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है। यह ठोस और अलौकिक के बीच का पुल है।