
छोड़ो दुनिया की परवाहें, करो मोहब्बत
मुश्किल हों कितनी भी राहें, करो मोहब्बत
सुन कर देखो सारे मंदिर यही कहेंगे
यही कहेंगी सब दरगाहें, करो मोहब्बत
— Bhaskar Shukla
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