@bhaskar-shukla
Bhaskar Shukla shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Bhaskar Shukla's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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किताबें बंद करके जब मैं बिस्तर पर पहुँचता हूँ
तुम्हारी याद भी आकर बगल में लेट जाती है
रात अँधेरी, ख़ाली रस्ता, और रफ़ी के गाने हैं
गाड़ी में सब हम जैसे हैं यानी सब दीवाने हैं
ना तो कुछ सुनते हैं ना ही बोल कुछ पाते हैं हम
सामने उनके सरापा आँख हो जाते हैं हम
वो निगाहें इन निगाहों से कभी हटती नहीं
वरना कितनी ही निगाहें हैं जिन्हें भाते हैं हम
चलो माना कि रोना मसअले का हल नहीं लेकिन
करे भी क्या कोई जब ख़त्म हर उम्मीद हो जाये
ख़्वाहिश है इन गुलों को दवामी बहार दूँ
जितने किये हैं इश्क़ सुख़न में उतार दूँ
तेरा लिक्खा जो पढ़ूँ तो तेरी आवाज़ सुनूँ
तेरी आवाज़ सुनूँ तो तेरा चेहरा देखूँ
मैं कैसे मान लूँ कि इश्क़ बस इक बार होता है
तुझे जितनी दफ़ा देखूँ मुझे हर बार होता है
तुझे पाने की हसरत और डर ना-कामियाबी का
इन्हीं दो तीन बातों से ये दिल दो चार होता है
जिसे तुम काट आये उस शजर को ढूँढता होगा
परिंदा लौटकर के अपने घर को ढूँढता होगा