Meaning of

अस्र

asar • عصر

युग; समय; काल

era; time; age

عصر; وقت; زمانہ

Arabic

आईने आँख में चुभते थे बिस्तर से बदन कतराता था एक याद बसर करती थी मुझे मैं साँस नहीं ले पाता था — Tehzeeb Hafi
मैं क़िस्सा मुख़्तसर कर के, ज़रा नीची नज़र कर के ये कहता हूँ अभी तुम से, मोहब्बत हो गई तुम से — Zubair Ali Tabish
दास्ताँ हूँ मैं इक तवील मगर तू जो सुन ले तो मुख़्तसर भी हूँ — Tehzeeb Hafi
मेरी हर बात बे-असर ही रही नक़्स है कुछ मिरे बयान में क्या — Jaun Elia
ज़िंदगी यूँँ हुई बसर तन्हा क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा — Gulzar
ज़िंदगी किस तरह बसर होगी दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में — Jaun Elia
मैं जिस के साथ कई दिन गुज़ार आया हूँ वो मेरे साथ बसर रात क्यूँँ नहीं करता — Tehzeeb Hafi

अस्र शब्द समय के प्रवाह को दर्शाता है, जो घटनाओं के विकास का मौन साक्षी होता है। कविता में, यह अक्सर पुरानी यादों और समय के अपरिहार्य परिवर्तन का भार लेकर आता है।

कवि 'अस्र' का उपयोग जीवन की क्षणभंगुरता पर विचार करने के लिए करते हैं। यह यादों के धीरे-धीरे मिटने या समय की निरंतर प्रगति का प्रतीक हो सकता है।

अस्र समय की मौन यात्रा का सार पकड़ता है, जीवन की क्षणिक सुंदरता की याद दिलाता है।