Meaning of

अहल-ए-करम

ahl-e-karam • اہل کرم

उदारता के लोग; परोपकारी

people of generosity; benevolent ones

اہل کرم; خیر خواہ

Arabic

बना कर फ़क़ीरों का हम भेस 'ग़ालिब' तमाशा-ए-अहल-ए-करम देखते हैं — Mirza Ghalib
एक दिन अहल-ए-करम सारे हसीं ख़्वाबों ने रख के सर आँखों की आग़ोश में दम तोड़ा था — Shajar Abbas
कसरत से नोश कर के शजर जाम-ए-इश्क़ को हर रोज़ रक़्स करते हैं कू-ए-सनम में हम — Shajar Abbas
क़ैस पागल था मरा बर सर-ए-सहरा जा कर हम अगर होते शजर कू-ए-सनम में मरते — Shajar Abbas

यह वाक्यांश दया और निःस्वार्थता की भावना को समाहित करता है। कविता में, यह अक्सर मानव करुणा के आदर्श और समाज को ऊँचा उठाने वाले महान गुणों का प्रतीक होता है।

कवि इसका उपयोग परोपकार और नैतिक अखंडता के विषयों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह स्वार्थ और लालच की आलोचना के रूप में भी काम कर सकता है।

हमें साझा मानवता में बाँधने वाले गुणों को अपनाने का आह्वान।