नहीं हूँ किसी भी हरम में नहीं हूँकिसी आस्था के भरम में नहीं हूँमुझे तेरे जाने का ग़म भी नहीं हैकिसी का भी अहल-ए-करम मैं नहीं हूँ— Chetan Sharma 'Mizaj