Meaning of

अहिब्बा

ahibba • احبا

प्रिय मित्र; प्रियजन

beloved friends; dear ones

محبوب دوست; عزیز

Arabic

झुक के मिलना मेरी आदत नहीं मजबूरी है मैं ने अहबाब के एहसान उठाए हुए हैं — Sarwar Khan Sarwar
अदू के हाथ में तो फूल देखे हैं मगर ये क्या मेरे अहबाब के है हाथ में हथियार जाने क्यूँँ — Ravi 'VEER'
मिरे अहबाब तो दो सौ हैं लेकिन बहुत जो ख़ास हैं वो एक-दो हैं — Akash Rajpoot
क्या हुईं वो क़ुर्बतें अहबाब को क्या हो गया आते-जाते मिल गईं आँखें तो मिलना हो गया — Dharmesh bashar
वो जो थी हक़ीक़त थी या फिर ख़्वाब था क्या था जिस के लिए मैं रोया वो अहबाब था क्या था — karan singh rajput
है फ़र्ज़ रिश्तेदारों और अहबाब पर शजर मर जाऊँ मैं तो सोग में गिर्या-कुनाँ रहें — Shajar Abbas

मूल रूप से 'अहिब्बा' उन लोगों को संदर्भित करता है जो दिल के करीब होते हैं। कविता ने इस शब्द को केवल शारीरिक उपस्थिति तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन भावनात्मक संबंधों को भी शामिल किया जो समय और दूरी को पार कर जाते हैं।

'अहिब्बा' का उपयोग कवि अक्सर खोई हुई मित्रताओं के लिए उदासी व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह पुनर्मिलन की लालसा या साझा यादों की गर्माहट का भी संकेत दे सकता है।

कविता में, 'अहिब्बा' दिल के गहरे संबंधों का माध्यम बन जाता है, जो केवल मित्रों की उपस्थिति से परे होता है।