ahbaab meraa kitna ziyaada badal gaya | अहबाब मेरा कितना ज़ियादा बदल गया

  - shaan manral

अहबाब मेरा कितना ज़ियादा बदल गया
तू पूछता है मुझ से भला क्या बदल गया

अब तू तड़ाक करता है वह बात बात पर
अब उस के बात चीत का लहजा बदल गया

क़ुर्बत में उस के अच्छे से अच्छे बदल गए
जो मैं भी उस के पास जा बैठा बदल गया

पहले तो साथ रहने की हामी बहुत भरी
फिर एक रोज़ उस का इरादा बदल गया

लैला बदल गई तो गई साथ साथ ही
मजनूँ बदल गया ये ज़माना बदल गया

तस्वीर अर्से बाद बदलती है सब्र रख
ऐसा नहीं न होता कि सोचा बदल गया

  - shaan manral

Ummeed Shayari

Our suggestion based on your choice

More by shaan manral

As you were reading Shayari by shaan manral

Similar Writers

our suggestion based on shaan manral

Similar Moods

As you were reading Ummeed Shayari Shayari