Meaning of

आरजू

aarjoo • آرزو

इच्छा; अभिलाषा

desire; wish

خواہش; آرزو

Persian

उम्र-ए-दराज़ माँग के लाई थी चार दिन दो आरज़ू में कट गए दो इंतिज़ार में — Seemab Akbarabadi
न जी भर के देखा न कुछ बात की बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की — Bashir Badr
नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही नहीं विसाल मुयस्सर तो आरज़ू ही सही — Faiz Ahmad Faiz
नहीं निगाह में मंज़िल, तो जुस्तजू ही सही नहीं विसाल मुयस्सर तो आरज़ू ही सही — Faiz Ahmad Faiz
तुम्हारी याद में जीने की आरज़ू है अभी कुछ अपना हाल सँभालूँ अगर इजाज़त हो — Jaun Elia
मैं सो रहा हूँ तेरे ख़्वाब देखने के लिए ये आरज़ू है कि आँखों में रात रह जाए — Shakeel Azmi
अश्कों को आरज़ू-ए-रिहाई है रोइए आँखों की अब इसी में भलाई है रोइए — Abbas Qamar
मिरी आरज़ू का हासिल तिरे लब की मुस्कुराहट हैं क़ुबूल मुझ को सब ग़म तिरी इक ख़ुशी के बदले — Kashif Adeeb Makanpuri
कटती है आरज़ू के सहारे पे ज़िंदगी कैसे कहूँ किसी की तमन्ना न चाहिए — Shaad Arfi

'आरजू' लालसा और आकांक्षा के सार को पकड़ता है। कविता में, यह अक्सर दिल की गहरी इच्छाओं का प्रतीक होता है, जो आशा और लालसा दोनों को दर्शाता है।

कवि 'आरजू' का उपयोग आत्मा की अधूरी इच्छाओं को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक ऐसा शब्द है जो लालसा की सुंदरता और दर्द दोनों को व्यक्त करता है, अक्सर प्रेम और भाग्य के विषयों के साथ जुड़ा होता है।

कविता की बुनावट में, 'आरजू' आशा और लालसा के धागों को बुनता है। यह उन सपनों की कोमल याद दिलाता है जो दिल को झकझोरते हैं।