भरे हुए जाम पर सुराही का सर झुका तो बुरा लगेगाजिसे तेरी आरज़ू नहीं तू उसे मिला तो बुरा लगेगाये आख़िरी कंपकंपाता जुमला कि इस तअ'ल्लुक़ को ख़त्म कर दोबड़े जतन से कहा है उस ने नहीं किया तो बुरा लगेगा— Zubair Ali Tabish