Meaning of

आहू

aahu • آہو

हिरण; मृग; सुंदरता का प्रतीक

gazelle; deer; symbol of beauty

ہرن; غزال; حسن کی علامت

Persian

अगर कुछ भी हो सकता दुनिया में तो फिर मैं बस चाहूँगा के तुम मेरे हो जाओ — Shivraj Singh Gurjar
साधना का यज्ञ ये है आहुती दूँ ज़िंदगी की — Vinod Ganeshpure
मैं चाहूँगा दर्द ये मेरे साथ रहे हर दम तुम पर ही अपनी बेटी का नाम रखूँगा मैं — Intzar Akhtar
मैं ने चाहा है तुम को और चाहूँगा न देखो इस तरह मैं छूट जाऊँगा — Shadab khan
बनाऊँगा मैं ख़ुद को तब तू चाहेगी क़सम तेरी तुझे तब मैं न चाहूँगा — 100rav
काश अगले जनम में तू चाहे मुझे और तब चाहूँगा मैं किसी और को — 100rav

अपने मूल अर्थ में, 'आहू' एक सुंदर और तेज़ प्राणी को संदर्भित करता है। कविता में, यह सुंदरता की नाजुक और क्षणभंगुर प्रकृति को दर्शाता है, अक्सर एक अप्राप्य या मायावी प्रेम का प्रतीक होता है।

कवि अक्सर 'आहू' का उपयोग प्रिय की आँखों या चाल को वर्णित करने के लिए करते हैं, प्रिय की कृपा और हिरण की सुंदरता के बीच समानता खींचते हैं। यह एक अधूरी चाहत या अधूरी इच्छा का भी संकेत दे सकता है।

आहू क्षणभंगुर सुंदरता और उससे प्रेरित लालसा को पकड़ता है। यह काव्य अभिव्यक्तियों में एक कालातीत प्रतीक बना रहता है।