Meaning of

इंतिज़ार

intizaar • انتظار

प्रतीक्षा; इंतज़ार

waiting; anticipation

انتظار; توقع

Arabic

माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख — Allama Iqbal
लौट कर नहीं आता कब्र से कोई लेकिन प्यार करने वालों को इंतिज़ार रहता है — Shabeena Adeeb
तुझे कैसे इल्म न हो सका बड़ी दूर तक ये ख़बर गई तिरे शहर ही की ये शाएरा तिरे इंतिज़ार में मर गई — Mumtaz Naseem
उम्र-ए-दराज़ माँग के लाई थी चार दिन दो आरज़ू में कट गए दो इंतिज़ार में — Seemab Akbarabadi
कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़ किसी की आँख में हम को भी इंतिज़ार दिखे — Gulzar
सब इंतिज़ार में थे कब कोई ज़बान खुले फिर उस के होंठ खुले और सबके कान खुले — Umair Najmi
जान-लेवा थीं ख़्वाहिशें वर्ना वस्ल से इंतिज़ार अच्छा था — Jaun Elia
ये न थी हमारी क़िस्मत कि विसाल-ए-यार होता अगर और जीते रहते यही इंतिज़ार होता — Mirza Ghalib
कोई इशारा दिलासा न कोई वा'दा मगर जब आई शाम तिरा इंतिज़ार करने लगे — Waseem Barelvi

इंतिज़ार शब्द में एक गहरी प्रतीक्षा और धैर्य का भाव है, जहाँ समय ठहर जाता है और आशा व चाहत का संगम होता है। कविता में, यह अक्सर उस भावनात्मक स्थिति को दर्शाता है जहाँ दिल किसी प्रिय या किसी पूर्णता के क्षण की प्रतीक्षा में रहता है।

कवि 'इंतिज़ार' का उपयोग प्रेम या भाग्य की चुपचाप, अक्सर दर्दनाक प्रतीक्षा को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह समय के बीतने, आशा के धैर्य, या चाहत की मिठास को दर्शा सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'इंतिज़ार' दिल की गहरी इच्छाओं के लिए एक कैनवास बन जाता है। यह मानव आत्मा की आशा करने की क्षमता का प्रमाण है।