Meaning of

इज़ार

izaar • ازار

पायजामा; वस्त्र

trouser; garment

پاجامہ; لباس

Arabic

माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख — Allama Iqbal
तुझे कैसे इल्म न हो सका बड़ी दूर तक ये ख़बर गई तिरे शहर ही की ये शाएरा तिरे इंतिज़ार में मर गई — Mumtaz Naseem
कोई इशारा दिलासा न कोई वा'दा मगर जब आई शाम तिरा इंतिज़ार करने लगे — Waseem Barelvi
हम कुछ ऐसे तेरे दीदार में खो जाते हैं जैसे बच्चे भरे बाज़ार में खो जाते हैं — Waseem Barelvi
कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़ किसी की आँख में हम को भी इंतिज़ार दिखे — Gulzar
जान-लेवा थीं ख़्वाहिशें वर्ना वस्ल से इंतिज़ार अच्छा था — Jaun Elia
ये न थी हमारी क़िस्मत कि विसाल-ए-यार होता अगर और जीते रहते यही इंतिज़ार होता — Mirza Ghalib
उम्र-ए-दराज़ माँग के लाई थी चार दिन दो आरज़ू में कट गए दो इंतिज़ार में — Seemab Akbarabadi
उस वक़्त इंतिज़ार का आलम न पूछिए जब कोई बार बार कहे आ रहा हूँ मैं — Unknown

'इज़ार' मूल रूप से एक साधारण वस्त्र है, जो पारंपरिक परिधान की छवि को उभारता है, अक्सर सादगी और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा होता है। कविता में, यह व्यक्ति की परतों या जीवन की सरलता का प्रतीक हो सकता है।

कवि 'इज़ार' का उपयोग सादगी और सांस्कृतिक जड़ों के विषयों को उभारने के लिए करते हैं। यह व्यक्ति के चरित्र के छिपे पहलुओं का भी संकेत दे सकता है।

अपनी सादगी में, 'इज़ार' परंपरा का भार और विनम्रता की गरिमा को वहन करता है।