Meaning of

उनवाँ

unwaan • عنوان

शीर्षक; विषय; नाम

title; heading; subject

عنوان; سرخی; موضوع

Arabic

वरक़ पर आज के बरसों में ठहरा है फ़लक आओ
लिखें ज़िंदान में भी नज़्म हम उनवान जो भी हो

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किसी बे-नाम रिश्ते को नया इक नाम देने से
बिखर जाती हैं कुछ नज़्में फ़क़त उनवान देने से

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किया है इश्क़ तो इस
में मुनाफ़ा क्या ख़सारा क्या
फ़क़त हम तो इसे ईनाम का उनवान देते हैं

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कहानी में कई किरदार होते हैं
मगर उनवान केवल एक होता है

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बिन तख़ल्लुस के कहीं उनवान हो जाता है क्या
पेट जिस ने भर दिया भगवान हो जाता है क्या

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ज़ुल्फ़ जब उस की परेशान हुआ करती थी
शा'इरी का नया उनवान हुआ करती थी

आज जो दुश्मन-ए-जाँ मेरी बनी फिरती है
यार वो लड़की मेरी जान हुआ करती थी

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धड़कने का सामान हो तुम
मिरी ज़ीस्त की जान हो तुम

मिरी ज़िंदगी नज़्म जैसी
और उस का वो उनवान हो तुम

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मशवरा दो दास्तानें इश्क़ का उनवान क्या दूँ
हिज्र, ख़ल्वत, दर्द, ज़िल्लत, बे-वफ़ाई, इस्म, रेहलत

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हुई है नज़्म सनम नज़्म का ये है उनवान
हसीन नज़्म हो तुम बेहतरीन शाइ'र की

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वरक़ पर आज के बरसों में ठहरा है फ़लक आओ
लिखें ज़िंदान में भी नज़्म हम उनवान जो भी हो

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किसी बे-नाम रिश्ते को नया इक नाम देने से
बिखर जाती हैं कुछ नज़्में फ़क़त उनवान देने से

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मूल रूप में 'उनवाँ' का अर्थ शीर्षक या विषय होता है, जो पहचान या विषय का सूचक है। कविता में, यह अपने शाब्दिक अर्थ से आगे बढ़कर किसी रचना के सार या विषय का प्रतीक बन जाता है, जो अक्सर अंतर्निहित भावनाओं या कथा की ओर संकेत करता है।

'उनवाँ' का उपयोग कवि अपनी रचना के केंद्रीय विषय या भावना को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह सतह के नीचे छिपी परतों का संकेत दे सकता है। यह अक्सर प्रकट हो रही कथा के साथ विरोधाभास करता है, जिससे अपेक्षा और उद्घाटन के बीच तनाव उत्पन्न होता है।

कविता की दुनिया में, 'उनवाँ' केवल एक शीर्षक नहीं है; यह आत्मा की फुसफुसाहट है, जो पाठक को शब्दों की भूलभुलैया में मार्गदर्शन करती है।