ज़ुल्फ़ जब उस की परेशान हुआ करती थीशा'इरी का नया उनवान हुआ करती थीआज जो दुश्मन-ए-जाँ मेरी बनी फिरती हैयार वो लड़की मेरी जान हुआ करती थी— Shajar Abbas