Ismail Merathi

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Ismail Merathi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ismail Merathi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

कभी भूल कर किसी से न करो सुलूक ऐसा कि जो तुम से कोई करता तुम्हें नागवार होता — Ismail Merathi
दोस्ती और किसी ग़रज़ के लिए वो तिजारत है दोस्ती ही नहीं — Ismail Merathi
क्या हो गया इसे कि तुझे देखती नहीं जी चाहता है आग लगा दूँ नज़र को मैं — Ismail Merathi

Ghazal

ता'रीफ़ उस ख़ुदा की जिस ने जहाँ बनाया कैसी ज़मीं बनाई क्या आ समाँ बनाया पाँव तले बिछाया क्या ख़ूब फ़र्श-ए-ख़ाकी और सर पे लाजवर्दी इक साएबां बनाया मिट्टी से बेल-बूटे क्या ख़ुशनुमा उगाए पहना के सब्ज़ ख़िलअत उन को जवां बनाया ख़ुश-रंग और ख़ुशबू गुल फूल हैं खिलाए इस ख़ाक के खंडर को क्या गुलिस्ताँ बनाया मेवे लगाए क्या क्या ख़ुश-ज़ाएक़ा रसीले चखने से जिन के मुझ को शीरीं-द हाँ बनाया सूरज बना के तू ने रौनक़ जहाँ को बख़्शी रहने को ये हमारे अच्छा मकाँ बनाया प्यासी ज़मीं के मुँह में मेंह का चुवाया पानी और बादलों को तू ने मेंह का निशां बनाया ये प्यारी प्यारी चिड़ियाँ फिरती हैं जो चहकती क़ुदरत ने तेरी उन को तस्बीह-ख़्वाँ बनाया तिनके उठा उठा कर लाईं कहाँ-कहाँ से किस ख़ूब-सूरती से फिर आशियाँ बनाया ऊंची उड़ें हवा में बच्चों को पर न भूलें इन बे-परों का उन को रोज़ी-रसाँ बनाया क्या दूध देने वाली गायें बनाईं तू ने चढ़ने को मेरे घोड़ा क्या ख़ुश-इनाँ बनाया रहमत से तेरी क्या क्या हैं नेमतें मुयस्सर इन नेमतों का मुझ को है क़द्र-दाँ बनाया आब-ए-रवाँ के अंदर मछली बनाई तू ने मछली के तैरने को आब-ए-रवाँ बनाया हर चीज़ से है तेरी कारीगरी टपकती ये कारख़ाना तू ने कब राएगां बनाया — Ismail Merathi