उस को जो कुछ भी कहूँ अच्छा बुरा कुछ न करेयार मेरा है मगर काम मेरा कुछ न करेदूसरी बार भी पड़ जाए अगर कुछ करनाआदमी पहली मोहब्बत के सिवा कुछ न करे— Abid Malik