Meaning of

एतबार

etbaar • اعتبار

विश्वास; आस्था; भरोसा

trust; belief; faith

اعتماد; یقین; بھروسہ

Arabic

आप तशरीफ़ लाए थे इक रोज़
दूसरे रोज़ ए'तिबार हुआ

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वो झूठ बोल रहा था बड़े सलीक़े से
मैं ए'तिबार न करता तो और क्या करता

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मैं अब किसी की भी उम्मीद तोड़ सकता हूँ
मुझे किसी पे भी अब कोई ए'तिबार नहीं

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हद से ज़्यादा भी प्यार मत करना
जी हर इक पे निसार मत करना

क्या ख़बर किस जगह पे रुक जाए
साँस का ए'तिबार मत करना

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इसीलिए मैं बिछड़ने पर सोगवार नहीं,
सुकून पहली ज़रूरत है, तेरा प्यार नहीं!

जवाब ढ़ूंढ़ने में उम्र मत गँवा देना,
सवाल करती है दुनिया पर एतबार नहीं

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आदतन तुम ने कर दिए वादे
आदतन हम ने ए'तिबार किया

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ए'तिबार आता नहीं तो आज़मा के देख ले
हम तेरे सब चाहने वालों में अव्वल आएँगे

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अब इन हुदूद में लाया है इंतिज़ार मुझे
वो आ भी जाएँ तो आए न ऐतिबार मुझे

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आप का ए'तिबार कौन करे
रोज़ का इंतिज़ार कौन करे

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तिरे वादे पर जिए हम तो ये जान झूट जाना
कि ख़ुशी से मर न जाते अगर ए'तिबार होता

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आप तशरीफ़ लाए थे इक रोज़
दूसरे रोज़ ए'तिबार हुआ

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वो झूठ बोल रहा था बड़े सलीक़े से
मैं ए'तिबार न करता तो और क्या करता

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एतबार विश्वास और आस्था का भार वहन करता है, एक नाज़ुक धागा जो रिश्तों और वादों को बांधता है। कविता में, यह अक्सर आत्माओं के बीच के नाज़ुक लेकिन गहरे संबंध का प्रतीक होता है, जहाँ विश्वास एक उपहार भी है और एक बोझ भी।

कवि एतबार का उपयोग विश्वास और विश्वासघात के विषयों की खोज के लिए करते हैं, प्रेमियों के बीच मौन वादों और उन अदृश्य बंधनों को उजागर करने के लिए जो लोगों को एक साथ रखते हैं। यह संदेह और शंका के विपरीत है, विश्वास की पवित्रता और नाजुकता को उजागर करता है।

एतबार विश्वास की वह मौन डोर है जो मानव संबंधों की गाथा में बुनती है, नाज़ुक फिर भी स्थायी।