Meaning of

कू-ए-जानाॅं

koo-e-jaanaan • کو جاناں

प्रिय की गली; प्रिय के पास जाने का मार्ग

street of the beloved; path to the beloved

کو جاناں; محبوب کی گلی

Persian

बचपना ऐ लड़को तुम सेे कभी छूटता ही नहीं जवान होना तो बस लड़कियों को आता है — Kumar Vishwas
जो कहा मैं ने कि प्यार आता है मुझ को तुम पर हँस के कहने लगा और आप को आता क्या है — Akbar Allahabadi
चलो ये माना मना लोगी ख़ानदान को तुम मगर बताओ न माने अगर वो फिर जानाँ? — Siraj Faisal Khan
पहली ग़लती पर मत छोड़ो मुझ को तुम पहली रोटी गोल नहीं बनती जानाँ — Tanoj Dadhich
रंग और नस्ल ज़ात और मज़हब जो भी है आदमी से कमतर है इस हक़ीक़त को तुम भी मेरी तरह मान जाओ तो कोई बात बने — Sahir Ludhianvi
कू-ए-जानाँ में भला अब देखने को क्या बचा सुन रहा हूँ आपने भी बे-वफ़ाई छोड़ दी — Nashir Naqvi

कू-ए-जानाॅं प्रेम की खोज में निहित यात्रा और लालसा को जागृत करता है। कविता में, यह प्रिय की ओर जाने वाले शारीरिक और भावनात्मक मार्ग का प्रतिनिधित्व करता है, जो प्रत्याशा और लालसा से भरा होता है।

कवि अक्सर कू-ए-जानाॅं को प्रेम की परीक्षाओं और कष्टों के लिए एक रूपक के रूप में चित्रित करते हैं। यह भक्ति, बलिदान और मिलन की आशा से चिह्नित एक यात्रा है।

कू-ए-जानाॅं प्रेम की स्थायी यात्रा का प्रमाण है। यह अभी तक तय किए जाने वाले मार्गों की फुसफुसाहट करता है।