हमेशा बे-वफ़ा कहते हो उस को तुममगर उस ने तुम्हें दुख-ग़म दिया क्या हैमोहब्बत ही नहीं कर पाया वो तुम सेतुम्हें मजबूरियाँ उस की पता क्या है— ATUL SINGH