Meaning of

कोहकन

kohkan • کوہکن

पहाड़ खोदने वाला; पर्वत तराशने वाला

mountain digger; one who carves mountains

پہاڑ کھودنے والا; کوہ تراشنے والا

Persian

देखा न कोहकन कोई फ़रहाद के बग़ैर आता नहीं है फ़न कोई उस्ताद के बग़ैर — Unknown
आधा अधूरा छोड़ा जो फ़रहाद ने वो कोहकन माँझी ने ही पूरा किया — Manoj Devdutt
है वही कश्ती पुरानी है वही दरिया मेरा जिस पे तू आने न पाया है वही रस्ता मेरा मैं मिरी मसरूफ़ियत से तंग आ जाता हूँ दोस्त मुझ को सीने से लगा के वक़्त कर ज़ाया' मेरा अपनी वहशत का तक़ाज़ा ढूंढता हूँ दर-ब-दर ले गया है कोहकन जिस रोज़ से तेशा मेरा याद कर कूचा-नवर्दी,याद कर उल्फ़त के दिन याद कर बातें मेरी और याद कर चेहरा मेरा जब हवाएँ थक गईं थीं कोशिशें कर दश्त में रेत तब रक्साँ हुई थी चूम कर साया मेरा बारिशों को मौसमों का खेल सब कहते हैं पर रो पड़े थे अब्र-पारे जान कर क़िस्सा मेरा आँख वो हँसती रही तो खिल उठे सूखे गुलाब आँख वो रोने लगी तो रो पड़ा सहरा मेरा ख़ुसरवान-ए-शहर मैं हो जाऊँगा इक लम्स से और फ़क़त इक दीद से भर जाएगा कासा मेरा मैं किताबों के जहाँ का एक ख़ुशक़िस्मत किताब नाव बच्चों ने बनाया फाड़ कर सफ़्हा मेरा उस नज़र को ख़्वाहिशों का शौक़ दे मेरा ख़याल उस जबीं को रौशनी देता रहे बोसा मेरा मैं मुसलसल बंद करता हूँ मगर फिर दम-ब-दम याद उस की खोलती जाती है दरवाज़ा मेरा — Prasoon
तेशे बग़ैर मर न सका कोहकन 'असद' सरगश्ता-ए-ख़ुमार-ए-रुसूम-ओ-क़ुयूद था — Mirza Ghalib
कोहकन सा मर जाता बात सुन के तो 'साहिर' तुझ को क्यूँ ज़रूरत है फिर कोई जुदाई की — Sahir banarasi

कोहकन शब्द एक दृढ़ और संकल्पित व्यक्ति की छवि प्रस्तुत करता है, जो पहाड़ों को तराशने की चुनौती का सामना करता है। कविता में, यह शब्द अक्सर दृढ़ता और मानवीय आत्मा की विशाल बाधाओं को पार करने की क्षमता का प्रतीक होता है।

कवि 'कोहकन' का उपयोग असंभव बाधाओं के खिलाफ संघर्ष को दर्शाने के लिए करते हैं। यह प्रेम के मार्ग में प्रेमी की परीक्षाओं का रूपक है। यह शब्द आराम और सहजता के विपरीत है, कठिन यात्रा को उजागर करता है।

कोहकन दृढ़ता और संकल्प की भावना को समाहित करता है, मानव इच्छा की शक्ति का प्रमाण है।